अंतरराष्ट्रीय ध्यान दिवस
- Dr. Vivek Tangri
- 26 दिस॰ 2025
- 1 मिनट पठन
* ध्यानात् कर्मफलावाप्तिः,
मनःशुद्धिर्न संशयः।
शान्तिर्भवति चित्तस्य,
ध्यानमेव परं तपः॥


अर्थात्— ध्यान से कर्मों का श्रेष्ठ फल प्राप्त होता है, मन की शुद्धि होती है और चित्त में शांति आती है। ध्यान ही सर्वोत्तम तप है।
अंतरराष्ट्रीय ध्यान दिवस के पावन *अवसर पर पूर्व शिक्षा निदेशक आदरणीया श्रीमती ललिता पांडे जी एवं कपीश्वर वैदिक गुरुकुल के गुरुकुल प्रमुख के मार्गदर्शन में
ध्यान एवं योग का सत्र सफलता पूर्वक संपन्न हुआ । इस सत्र में ध्यान के महत्व को आत्मसात करते हुए हम सभी मानसिक शांति, संयम और समग्र व्यक्तित्व विकास की ओर अग्रसर हों।
ध्यान— स्वस्थ मन, सशक्त जीवन की आधारशिला। 🧘♂️✨



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